प्रवासी भारतीय 1 नमस्कार
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प्रवासी भारतीयों को नमस्कार।
धन्य हैं वे लोग जो भारत में जन्में हैं, भारतीय हैं।
आंकड़ो के मुताबिक, दुनिया के सभी देशों के प्रवासियों में भारतीय अव्वल हैं। अन्यों की तुलना में भारतीय प्रवासी सबसे ज्यादा पैसा अपने देश भेजते हैं। क्योंकि हम अपनी मिट्टी को नहीं भूलते; जड़ों को नहीं भूलते; संस्कारों को नहीं भूलते। इससे यह सिद्ध होता है कि हम भारतीय सबसे ज्यादा देशभक्त हैं। जापानी तो बस परिस्थिति वश देश-भक्त हैं और इसका कारण है वहां की सरकार।
हमारी सरकार का यदि थोड़ा-सा नैतिक उत्त्थान हो जाए तो, देश कहां से कहां पहुंच जाए।
भारतीयों ने प्रवासी के रूप में सदैव देश का नाम रौशन किया है। हालांकि कुछ गैर हिन्दू प्रवासी भारतीयों ने भारत की काफ़ी मिट्टी पलीत की है। इंगलॆन्ड और आष्ट्रेलिया के उदाहरण आपके सामने हैं और मुस्लिम देशों से अशुभ समाचार तो अकसर आते ही रहते हैं।
एक समस्या और है कि प्रवासी भारतीय आपस में मिल-जुल कर नहीं रहते। मुझे लगता है इसकी शिक्षा उन्होनें इस कहावत से ली है- “परदेश में दुशमन मिल जाए, मगर लगोंटिया यार न मिले।” दूसरी समस्या यह है कि भारत में प्रवासियों को NRI “नॆवर रिटर्न इंडिया“ कहा जाता है। वैसे यह भी गलत भी नहीं है। जैस गाँव के कुछ लोग शहर में बसना पसंद करते हैं वैसे ही शहर के कुछ लोग विदेश में बसना चाहते हैं। इसमें बुराई कोई नहीं यह तो विकास की प्रक्रिया है। जड़ों को सींचना जरूरी है, जड़ों में लौटना जरूरी नहीं। केवल जड़ें ही पेड़ का पोषण नहीं करतीं, पेड़ भी अपनी जड़ का पोषण करता है।
इस ब्लॉग पर मैं प्रवासी भारतीयों के लिए कुछ पेज जोड़ना चाहता हूँ, इनमें से कुछ तो बहुत ही उपयोगी हैं।
आप शाकाहारी हों या मांसाहारी, या किसी भी धर्म या संप्रदाय से हों, लेकिन यदि आप भारतीय मूल से हैं तो यह आहार से संबंधित यहां शाकाहार लेख अवश्य पढ़ें। http://way2wisdom.wordpress.com/shakahar/
जल्दी ही इससे संबंधित इ-नंबर वाला पेज भी प्रकाशित करूंगा जो विशेष रूप से प्रवासी भारतीयों के लिए लिख रहा हूँ। http://way2wisdom.wordpress.com/shakahar_e_number/
विशेष रूप से प्रवासी भारतीय लोगों के लिए रसोई और अन्य उपयोगी विषयों पर भी लेख प्रकाशित होंगे।
विशेष….
मेरी आप सभी से प्रार्थना है कि देश की उन्नति के लिए एक काम और करें….. अपने व्यवहार और वचन से विदेशी लोगों को पर्यटक के रूप में भारत भेजने का प्रयास करें। मैं स्वयं प्रतिदिन इस दिशा में कुछ-न-कुछ करने का थोड़ा या बहुत प्रयास जरूर करता हूँ। इससे संबंधित मेरा लेख यहां पढ़ें… http://way2wisdom.wordpress.com/terrorism_tourism/