“जो जूते बुश पर फेंके गए थे उन में संभवतः बम थे इसलिए उन जूतों को सुरक्षा कारणों से नष्ट कर दिया गया।”
यदि कोई अपराधी किसी हथियार से हमला करे तो, क्या कोर्ट के फैसले से पहले वह हथियार नष्ट किया जा सकता है? क्या ऐसा करना तर्क संगत या न्याय संगत है?
इसे कहते हैं इराक की सरकार पर अमेरिका का दबदबा।
पचास करोड़ की बोली वाले जूते अमरीकी राष्ट्रपति के सम्मान में नष्ट कर दिये गए। वर्ना वो देशभक्त जूते संग्राहलय की शोभा बनते और आगे चलकर अरबों में बिकते।
यदि बुश को भारत में जुतियाया गया होता तो, भारत सरकार भी बुश के सम्मान की रक्षा में तुरन्त जूते नष्ट कर देती। क्या इसमें किसी को कोई शक है?